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बरेली। मान्यता प्राप्त स्कूलों के संगठन बेसिक शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष व कायस्थ चित्रगुप्त महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश चन्द्र सक्सेना के अनुसार वे पूरे बजट के गुण या दोष की विवेचना न कर केवल इतना कहना चांहते हैं कि कोरोना महामारी के चलते लगभग दो साल से मान्यता प्राप्त स्कूल बन्द हैं जिस कारण नगण्य अभिभावकों से शुल्क प्राप्त हो रहा है जबकि स्कूलों की देनदारी पूर्ववत है। इन देनदारियों के भुगतान हेतु केन्द्र सरकार से कई बार अनुदान की मांग की गयी तथा उम्मीद थी कि बजट में इस का कुछ प्राविधान होगा।
सरकार ने अपेक्षा के विपरीत ऐसा कुछ न कर स्कूल परिवारों को निराश किया है। केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में प्राइवेट स्कूल कहीं नहीं हैं। ऐसी सोच सरकार की संवेदनहीनता व प्रार्थमिक शिक्षा की उपेक्षा प्रकट करती है जो समझ से परे है
जगदीश चन्द्र सक्सेना
यह लेखक के निजी विचार हैं