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टाइमलाइन न्यूज़ हिंदी के लिए सूरज मौर्या की रिपोर्ट
बरेली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लाल फाटक स्थित शांतिकुंज पब्लिक स्कूल तथा विकास क्षेत्र क्यारा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय वारी नगला में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दोनों विद्यालयों में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी मंचन किया और अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं।

शांतिकुंज पब्लिक स्कूल में बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित माखन चोरी, पूतना वध, माटी भक्षण, उखल बंधन, कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन पर्वत धारण करने जैसी लीलाओं का आकर्षक प्रदर्शन किया। राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।
प्रधानाचार्य राधिका चंद ने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के नटखट एवं दिव्य स्वरूप से परिचित कराते हुए गोकुल और वृंदावन में उनके द्वारा की गई विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में जहां उनका सरल और चंचल स्वरूप दिखाई देता है, वहीं उनमें उनकी दिव्यता का भी संदेश निहित है।

कार्यक्रम में वंश, कायरव, कृषिका, राध्या, परी, भव्या, आरोही, केशवी, वेदिता और अन्वी सक्सेना सहित अन्य बच्चों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की तैयारियों में शिक्षिकाओं श्रेया सिंह, प्राची त्यागी, प्रियंका यादव, रितिका, पुष्पांजलि, बविता, साक्षी गोस्वामी, आरती चौहान, पिंकी, इशिका, दीक्षा सांख्यधर, शिवांगी सक्सेना और जानकी विष्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

वहीं, पूर्व माध्यमिक विद्यालय वारी नगला में भी जन्माष्टमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। बच्चों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके बाल स्वरूप तथा गोकुल-वृंदावन की लीलाओं के बारे में बच्चों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े आदर्शों और उनकी लीलाओं के आध्यात्मिक महत्व को भी समझाया।
कार्यक्रम में सोनी, भावना, संध्या, अंजली, दृश्या, कविता, कोमल, प्रियांशी, स्वाति और गीता आदि छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रीति शर्मा, नवनीत यादव, आशा राणा, प्रदीप कुमार, धर्मेन्द्र पटेल, ग्राम प्रधान शिव कुमार पटेल, रजी हसन, ऊषा और मोहिनी देवी का सराहनीय सहयोग रहा।
दोनों विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों ने बच्चों को भारतीय संस्कृति और श्रीकृष्ण की लीलाओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के प्रति रुचि भी जागृत की।