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सूरज मौर्य टाइमलाइन न्यूज़ हिंदी संवाददाता
आगरा, 13 अगस्त 2026
हर घर तिरंगा यात्रा के चलते सुबह समय से पहले घर से निकलने और बिना नाश्ता किए विद्यालय पहुंचने के बाद आगरा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने एक प्राथमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने विद्यालय में बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मध्याह्न भोजन (एमडीएम) को देखा तो खुद को बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने से रोक नहीं सके।
राकेश सिंह के अनुसार, विद्यालय में उस दिन मेनू के अनुसार रोटी और दाल तैयार की गई थी। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और एमडीएम के स्वाद की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें भोजन इतना स्वादिष्ट लगा कि बड़े होटल के खाने की तुलना में भी यह भोजन उन्हें बेहतर महसूस हुआ।
बीएसए ने कहा कि स्कूल के एमडीएम में केवल रोटी और दाल नहीं होती, बल्कि इसमें रसोइयों की मेहनत, प्रधानाध्यापक का समर्पण और किसानों के परिश्रम का योगदान भी शामिल होता है। यही वजह है कि इस भोजन का स्वाद उनके लिए खास बन जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने से उन्हें अपना बचपन भी याद आ गया।
राकेश सिंह ने स्कूलों के एमडीएम और शिक्षकों के कार्यों को लेकर नकारात्मक धारणा बनाने वालों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में कमियां हो सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यवस्था को गलत नजर से देखा जाए। उनके मुताबिक अधिकांश विद्यालयों में एमडीएम बेहतर तरीके से तैयार किया जा रहा है और शिक्षक भी बच्चों की शिक्षा के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में कोई कमी दिखाई देती है तो उसे सुधारने के लिए सुझाव और सहयोग दिया जाना चाहिए। विद्यालयों को मजबूत बनाने के लिए सभी को मिलकर विचार करना चाहिए, न कि पूर्वाग्रह के साथ कुछ वीडियो बनाकर शिक्षकों और सरकारी स्कूलों की छवि खराब करने का प्रयास करना चाहिए।
बीएसए ने कहा कि विद्यालय पठन-पाठन के केंद्र हैं और इनका उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा देना है। उन्होंने समाज से अपील की कि उन शिक्षकों का सम्मान किया जाए, जिन्होंने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बनाया कि वे आज फोटो खींचने और वीडियो बनाने की क्षमता रखते हैं।
एमडीएम के अनुभव को साझा करते हुए राकेश सिंह ने कहा कि रोटी खाने के बाद प्लेट में थोड़ी दाल बच गई थी, लेकिन उन्हें दाल इतनी पसंद आई कि उसका भी मोह नहीं छोड़ पाए और उसे पीकर खत्म कर दिया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि प्राथमिक विद्यालयों में मिलने वाले एमडीएम को लेकर अपने अनुभव साझा करें। यदि व्यवस्था में कोई कमी है तो उसे दूर करने के लिए शिक्षक, अधिकारी, अभिभावक और समाज मिलकर प्रयास करें।
राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आगरा ने 13 अगस्त 2026 को विद्यालय निरीक्षण के दौरान यह अनुभव साझा किया।