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सूरज मौर्य टाइमलाइन न्यूज़ हिंदी संवाददाता
बरेली। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के आह्वान पर शनिवार को जिले के शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई को 'बलिदान दिवस' के रूप में मनाते हुए अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा को सौंपा गया।कार्यक्रम की शुरुआत 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों के शिक्षक पद पर समायोजन को निरस्त किए जाने के बाद दिवंगत हुए साथियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया कि समायोजन रद्द होने के बाद प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की असमय मृत्यु हुई।जिलाध्यक्ष कपिल यादव ने कहा कि टीईटी उत्तीर्ण एवं एनसीटीई के मानकों को पूरा करने वाले करीब 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी से छूट देकर शिक्षक पद पर समायोजित किया जाए। साथ ही शिक्षामित्रों का मानदेय वर्ष के सभी 12 महीनों के लिए सुनिश्चित किया जाए और सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए। उन्होंने स्पेशल टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने तथा दिवंगत शिक्षामित्रों के आश्रितों को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की भी मांग की।

इसके बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मूल विद्यालय वापसी की मांग को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम एक अलग से ज्ञापन भी सौंपा। बीएसए की अनुपस्थिति में स्टेनो अब्दुल समद ने ज्ञापन प्राप्त किया। संगठन के महामंत्री कुमुद केशव पांडे ने चेतावनी दी कि यदि 31 जुलाई तक मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो 3 अगस्त को बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।इस दौरान अरविंद गंगवार, धर्मेंद्र पटेल, सर्वेश पटेल, संतोष गंगवार, धर्मवीर मौर्य, संजीव सिंह, संजीव कुमार, आसिम हुसैन, लखपत राय, अमित पाल सिंह, बबिता, चंद्रवती, कृष्णा कुमारी, राजेश गंगवार, सुरेंद्र पाल वर्मा, भगवान सिंह यादव, नरेश चंद्र गंगवार, हरवीर सिंह यादव, मदन लाल वर्मा, सतीश चंद्र गंगवार, रवि सक्सेना, गिरिराज कुमारी, नूतन कुमारी, दौलत राम सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।