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बरेली। कैनविज (Kanwhizz) कंपनी से कथित रूप से ठगे गए निवेशकों द्वारा न्याय की मांग को लेकर सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में चल रहा आमरण अनशन आज सातवें दिन भी जारी रहा, सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित पंकज त्रिपाठी का कहना है कि अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

आज आंदोलन के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। एसएसपी द्वारा गठित एसआईटी (विशेष जांच टीम) के प्रभारी मोहम्मद अकमल अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों एवं पीड़ित निवेशकों से विस्तार से बातचीत कर उनकी शिकायतों, साक्ष्यों तथा अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने सभी पक्षों को गंभीरता से सुनने के बाद निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब सभी पीड़ित निवेशकों की निगाहें आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं और उन्हें उम्मीद है कि जांच के आधार पर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कठोर कदम उठाए जाएंगे।पीड़ितों की प्रमुख मांग है कि कैनविज कंपनी के फरार मुख्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, उनकी संपत्तियों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा सभी निवेशकों का धन वापस दिलाने की प्रभावी प्रक्रिया शुरू की जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि यदि जांच में ठोस प्रगति होती है तो पीड़ितों का विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक उनका शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।आज अनशन स्थल पर पंकज त्रिपाठी, विनोद कुमार, सूरज पटेल, संतोष कुमार, नत्थू सिंह, मिश्रीलाल, भीम सिंह, मुनेशपाल सिंह, सपना सिंह, भूरे मिस्त्री, राकेश कुमार देवल, राहुल गुप्ता, प्रिया पटेल, राजेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह, प्रमोद कुमार, राकेश सिंह, दिनेश सिंह राठौड़, हरीश कुमार, अनुज भारती, नीतू त्रिपाठी, दुलारो देवी, विमला देवी, हर प्यारी, राम सिंह, उषा गुप्ता, वीरेंद्र पाल, सुनीता देवी, दिनेश दत्त, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, हरीश गंगवार, सुरेश दिवाकर, उल्फत सिंह, सत्य प्रकाश, यशोदा नंदन, रामलली, ओंकार सिंह, दीपक कुमार, नफीस अहमद, महेंद्र पाल, सुरेंद्र कुमार, मनोज कुमार रस्तोगी, विमलेश कुमार शर्मा, देवेश सिंह गंगवार, संतोष, सुरजीत सिंह सहित सैकड़ों पीड़ित निवेशक उपस्थित रहे।