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सुभाष चंद्र चौधरी वरिष्ठ सवाददाता
बरेली, 2 जुलाई। कैनविज पीड़ित संघर्ष समिति के बैनर तले कैनविज कंपनी में अपनी जमा-पूंजी गंवा चुके निवेशकों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पीड़ित निवेशकों ने एकत्र होकर सरकार और प्रशासन से कंपनी के मलिक कन्हैया गुलाटी व जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा निवेशकों का फंसा हुआ पैसा जल्द वापस दिलाने की मांग की। समिति का कहना है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि हजारों निवेशकों ने अपनी जीवनभर की कमाई बेहतर भविष्य की उम्मीद में कैनविज कंपनी में निवेश की थी, लेकिन कंपनी के बंद होने के बाद लोगों की पूंजी फंस गई। इससे अनेक परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई लोगों की बच्चों की पढ़ाई, बेटियों की शादी और इलाज जैसी आवश्यक जरूरतें भी प्रभावित हुई हैं।

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पिछले काफी समय से पीड़ित निवेशक प्रशासन और शासन के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे हैं। कई बार ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। उनका आरोप है कि मुख्य आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से पीड़ितों में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।
कैनविज पीड़ित संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। समिति का उद्देश्य केवल पीड़ित निवेशकों को न्याय दिलाना और उनकी जमा पूंजी वापस कराना है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
धरने में शामिल लोगों ने कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई कैनविज कंपनी में इस विश्वास के साथ लगाई थी कि भविष्य में उन्हें बेहतर लाभ मिलेगा, लेकिन आज वही निवेश उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है। कई परिवारों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उन्हें रोजमर्रा के खर्च चलाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि कंपनी की संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें जब्त किया जाए तथा कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से निवेशकों का पैसा वापस कराया जाए।
धरने में मौजूद निवेशकों ने सरकार से मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिन लोगों ने निवेशकों को गुमराह कर पैसा एकत्र किया, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि आर्थिक अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
समिति ने बताया कि विभिन्न जिलों से भी पीड़ित लगातार उनके संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर के निवेशकों से एकजुट होकर न्याय की लड़ाई में शामिल होने की अपील की गई है।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के खिलाफ है जिन्होंने निवेशकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि जब तक हर पीड़ित को उसका पैसा वापस नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।
धरने में प्रमुख रूप से पंकज त्रिपाठी, रामलली, सपना सिंह , सुरेंद्र कुमार , धर्मेंद्र कुमार, विनोद पटेल, मिश्रीलाल , दुलारो देवी, विमला देवी सहित बड़ी संख्या में कैनविज पीड़ित निवेशक उपस्थित रहे।