Tuesday, 30-06-2026
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मथुरा शिक्षामित्र भूखों मरने की कगार पर , तीन महीने से नहीं मिला मानदेय

1740 शिक्षामित्र कार्यरत हैं जनवरी और फरवरी का मानदेय भी नहीं मिला अब तक

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मथुरा- शिक्षा मित्र भूखों मरने की कगार पर, तीन महीने से नहीं मिला मानदेय 

जैसा  विदित है कि अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने के लिए स्नातक बीटीसी पास लोगों को शिक्षा मित्र के रूप में दस हजार रुपये के मासिक अल्प मानदेय पर सरकार द्वारा रखा हुआ है अल्प मानदेय पर ये लोग लगभग 20 वर्षों से काम कर रहें हैं । शिक्षा मित्र बीच बीच मे अपने आंदोलनों के जरिये सरकार से अपना मानदेय बढाने एवं स्थाईकरण की मांग करते चले आ रहे हैं।


मानदेय बढ़ाए जाने की थी उम्मीद पर नहीं बढ़ाया गया मानदेय

इलेक्शन से पहले शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने की बात कही गई थी और शिक्षा मित्रों को विश्वास था कि इस बार प्रदेश में बनी भाजपा की सरकार इनका मानदेय बढाने सहित इनकी मांगों को पूरा करेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ मथुरा में इसका बिल्कुल उलट होता नजर आ रहा है । 

मथुरा के 1740 शिक्षामित्रों को नहीं मिला मानदेय

प्राथमिक शिक्षामित्र संघ मथुरा के जिला अध्यक्ष खेम सिंह चौधरी ने बताया कि जनपद मथुरा के प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में लगभग 1740 शिक्षा मित्र अपनी सेवाएं दे रहें जिन्हें पिछले तीन महीनों , जनवरी , फरवरी और मार्च का मानदेय अभी तक नहीं मिला है । जिसके कारण जनपद के सभी शिक्षा मित्र अपना और अपने परिवार के भरण पोषण के लिए एक एक रुपये के लिए तरस रहे हैं लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का इस ओर ध्यान नहीं है । इस सम्बंध में जिला अध्यक्ष खेमसिंह चौधरी का कहना है कि जनपद के शिक्षामित्रों के आर्थिक हालात पैसों के अभाव में बद से बदत्तर होते जा रहे हैं परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने तक के लिए पैसे नहीं है, किसी के घर मे आटा , नमक, सब्जी तक के पैसे नहीं है तो किसी को बच्चो की दवाई दिलाने एवं इलाज कराने के लिए पैसों की जरूरत है कई शिक्षा मित्र तो फोन करके आर्थिक हालतों से तंग आकर आत्महत्या तक करने की बात करते हैं ऐसे साथियों को सब ठीक होगा कहकर किसी तरह उन्हें समझाते हैं । तमाम शिक्षा मित्र समाजिक अपमान के डर से अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में किसी से बोल नहीं पा रहें हैं ।

क्लिक करें देखें शिक्षामित्र ना होते तो बंद हो जाता है यह विद्यालय

  खेमसिंह चौधरी का कहना है कि शिक्षा मित्रों की वर्तमान आर्थिक स्थिति से अवगत कराते हुए हम शिक्षा मित्रों के मानदेय भुगतान कराने की मांग विभाग के सभी जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों से कर चुके हैं लेकिन अभी तक कुछ हुआ नहीं है सभी एक दूसरे पर टाल देते हैं तो कभी शासन से पैसा न आने का बोल दिया जाता है , जबकि अन्य जनपदों में पता करने पर पता चला है कि प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में जनवरी और फरवरी महीने के मानदेय का भुगतान वहां के शिक्षा मित्रों को हो चुका है । इसे भी देखें 7 साल से यह स्कूल शिक्षा मित्र के हवाले

जल्द मानदेय भुगतान नहीं हुआ तो होगा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

 जिला अध्यक्ष का कहना है कि पुनः कल एक बार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा से मुलाकात कर सभी शिक्षा मित्रों के जल्द से जल्द तीन महीने के मानदेय भुगतान की मांग करेंगे भुगतान न होने की दशा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर सभी शिक्षा मित्रों को साथ लेकर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करेंगे और इस बीच आर्थिक हालातों के चलते किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना किसी भी शिक्षा मित्र या उनके परिवार के साथ होती है तो उसकी समस्त जिम्मेवारी विभाग की और उनके अधिकारियों की होगी। देखकर आंसू आ जाएंगे शिक्षामित्र का दर्द

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